नगर निगम में 1.15 करोड़ का ‘टेंडर कांड’: तत्कालीन महापौर और अधिकारी पर घूस के आरोप, कलेक्टर की एंट्री से बिगड़ा खेल, वीडियो वायरल, देखें
बिलासपुर, 30 जून 2026. नगर निगम में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका एक बेहद चौंकाने वाला और फिल्मी वाकया सामने आया है। निगम के तत्कालीन संपदा अधिकारी राजेश देवांगन ने तत्कालीन महापौर रामशरण यादव पर 1 करोड़ 15 लाख रुपये की भारी-भरकम घूस लेने का सीधा और गंभीर आरोप लगाया है। यह पूरी रकम ‘गणेश ट्रेडर्स’ नामक फर्म को नियमों को दरकिनार कर टेंडर दिलाने के एवज में दी गई थी। इस मामले के उजागर होते ही नगर निगम आयुक्त प्रकश सर्वे ने तत्कालीन संपदा अधिकारी राजेश देवांगन को सस्पेंड कर दिया है
खुद ‘डीलिंग’ का हिस्सा थे अधिकारी, बिचौलिए के जरिए पहुंची रकम
यह पूरा मामला जितना दिलचस्प है, उतना ही उलझा हुआ भी है। भ्रष्टाचार की इस स्क्रिप्ट में आरोप लगाने वाले संपदा अधिकारी राजेश देवांगन खुद इस अवैध ‘डीलिंग’ का मुख्य हिस्सा थे। मिली जानकारी के अनुसार, देवांगन ने टेंडर की सेटिंग कराने के लिए महापौर के बेहद करीबी माने जाने वाले मुकेश पाठक को माध्यम बनाया था। देवांगन का दावा है कि मुकेश पाठक के जरिए ही यह पूरी रकम तत्कालीन महापौर रामशरण यादव तक सुरक्षित पहुंचाई गई थी।
कलेक्टर की एंट्री से बिगड़ा खेल, वापस मांगे पैसे
सब कुछ तय प्लानिंग के मुताबिक चल रहा था, लेकिन तभी इस खेल में तत्कालीन कलेक्टर अवनीश कुमार शरण की एंट्री हो गई। कलेक्टर ने जैसे ही इस संदिग्ध टेंडर प्रक्रिया की गड़बड़ी को भांपते हुए इस पर रोक लगाई, वैसे ही भ्रष्टाचार की इस पूरी इमारत की नींव हिल गई।
टेंडर रद्द होते ही ‘गणेश ट्रेडर्स’ के संचालकों के होश उड़ गए और उन्होंने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू कर दी। जब पैसे वापस करने का पूरा दबाव संपदा अधिकारी राजेश देवांगन पर आया, तो इस सिंडिकेट की कलई खुलकर सामने आ गई।
“जब टेंडर ही निरस्त हो गया, तो पैसों की वापसी को लेकर आपस में सिरफुटौव्वल शुरू हो गई। इसी दबाव के चलते इस पूरे काले नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ।”
वीडियो वायरल होने के बाद थाने पहुंचा मामला
पैसों के लेनदेन को लेकर आपस में मचे घमासान के बाद अब यह मामला पुलिस के पास पहुंच गया है। इस बीच, सोशल मीडिया पर तत्कालीन संपदा अधिकारी राजेश देवांगन का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे खुद इस अवैध लेनदेन की बात कबूल करते नजर आ रहे हैं।
चारों तरफ से खुद को घिरता देख देवांगन ने अब पैंतरा बदलते हुए पूरे मामले की लिखित शिकायत पुलिस अधीक्षक (SP) से की है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
अब देखना यह होगा कि इस हाई-प्रोफाइल घूसकांड और करोड़ों के लेनदेन के पुख्ता दावों पर पुलिस प्रशासन क्या और कितनी जल्दी एक्शन लेता है।



